6 foods that increase phlegm : कफ बढ़ाने वाले 6 खाद्य पदार्थ ज़रूर रखें दूरी

कफ (Phlegm) अगर आप कफ, भारीपन, सुस्ती, पैरों में सूजन या बार-बार जमा होने वाले बलगम की समस्या से परेशान रहते हैं आयुर्वेद के अनुसार, जब शरीर में कफ बढ़ता है तो व्यक्ति को आलस, थकान, भारीपन और पाचन संबंधी समस्याएँ महसूस होती हैं। साथ ही, अगर कफ वायु मार्ग को रोक देता है, तो Vata disorders भी बढ़ सकते हैं। इसलिए कफ बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों से सावधान रहना ज़रूरी है।

उड़द दाल (Udad Dal)

उड़द दाल को आयुर्वेद में गुरु और स्निग्ध माना गया है, यानी यह भारी और चिपचिपी होती है।
यह शरीर में मौजूद कफ को बढ़ाती है और पचने में भी कठिन होती है।

अगर आपको कफ, सर्दी, जुकाम, खाँसी या शरीर में भारीपन रहता है तो उड़द दाल से दूरी बनाना ही बेहतर है।

गेहूँ (Wheat)

गेहूँ स्वभाव से ठंडा होता है लेकिन यह गुरु यानी भारी और पचने में कठिन होता है।
गेहूँ का आटा शरीर में चिपचिपाहट बढ़ाता है, जिससे कफ अधिक बनने लगता है।

कफ बढ़ने पर रोटी, पराठा और गेहूँ से बनी चीजें कम खानी चाहिए।
हालाँकि, यदि शरीर में पित्त बढ़ा हो, तो गेहूँ लाभ देता है, लेकिन कफ बढ़ने की स्थिति में हानिकारक हो सकता है।

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दूध (Milk)

दूध ठंडा और स्निग्ध होता है, इसलिए कफ बढ़ाने की क्षमता अधिक होती है।
विशेषकर भैंस का दूध कफ को तेज़ी से बढ़ाता है।

अगर कफ पहले से बढ़ा है, तो दूध को पानी मिलाकर हल्का गरम करके पिएँ।
गाय का दूध अपेक्षाकृत हल्का होता है, लेकिन फिर भी कफ बढ़ा होने पर इसे सीमित मात्रा में ही लें।

गन्ना (Sugarcane)

गन्ना स्वभाव से बहुत मीठा और तरल होता है।
इससे बनने वाली सभी चीजें—जैसे रस, राब, शरबत आदि—कफ को बढ़ाती हैं।

जो लोग कफ रोगों से ग्रस्त रहते हैं, उन्हें गन्ने का रस या उससे बनी मीठी चीजों का सेवन कम करना चाहिए।

गुड़ (Jaggery)

गुड़ उड़द की तरह ही भारी और कफ बढ़ाने वाला होता है।
लेकिन गुड़ में औषधीय गुण भी हैं और कभी-कभी यह कफ को बाहर निकालने में मदद करता है।

उदाहरण—
यदि गले में कफ जम गया हो और निकल नहीं रहा हो, तो अदरक का रस + गुड़ लेने से कफ ढीला होकर बाहर आता है।

याद रखें:
गुड़ कफ बढ़ाता है, लेकिन सही संयोजन में यह कफ बाहर निकालने में भी सहायक है।

दोपहर की नींद (Day Sleep)

यह भोजन नहीं है, लेकिन यह भी कफ को तेज़ी से बढ़ाता है।
विशेष रूप से उन लोगों में, जिनके शरीर में पहले से ही कफ बढ़ा हो— जैसे:

  • डायबिटीज़ के मरीज
  • मोटापा
  • सुस्ती या भारीपन महसूस करने वाले लोग

दोपहर की नींद लेने से कफ बढ़ता है, पाचन धीमा होता है और शरीर में सूजन भी बढ़ सकती है।

हालाँकि, कुछ मरीजों को आयुर्वेद में दोपहर में विश्राम की सलाह दी जाती है, लेकिन यह तभी जब उनके शरीर में कफ कम और बल कम हो।

कफ बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थों के फायदे भी हैं

ध्यान रखें—कफ केवल समस्या नहीं है।
यह शरीर में शक्ति, स्थिरता, और स्नेह पैदा करता है।
इसलिए सही मात्रा में कफ आवश्यक है।

किसी भी चीज़ की अधिकता समस्या बनती है— इसी तरह अधिक कफ बीमारी का कारण था है।

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