आधार अपडेट की नई फीस और नियम: जानिए 2025 के UIDAI बदलावों का पूरा असर
अगर आपके पास आधार कार्ड है, तो यह ब्लॉग आपके लिए बेहद जरूरी है। UIDAI यानी भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण ने 1 अक्टूबर 2025 से आधार से जुड़े कई नियमों में बदलाव किए हैं। इनमें फीस बढ़ोतरी से लेकर केवाईसी प्रक्रिया में सुधार तक कई अहम बातें शामिल हैं। इस ब्लॉग में हम विस्तार से जानेंगे कि ये बदलाव क्या हैं, किसे फायदा होगा, किसे सतर्क रहना चाहिए और कैसे आप इनसे जुड़ी परेशानियों से बच सकते हैं।

आधार अपडेट की नई फीस: क्या बदला है?
UIDAI ने आधार अपडेट की फीस में बदलाव करते हुए इसे पहले से ज्यादा कर दिया है। आइए जानते हैं नई फीस संरचना:
| सेवा का प्रकार | पुरानी फीस | नई फीस |
| नाम, पता, जन्मतिथि, मोबाइल नंबर जैसे डेमोग्राफिक अपडेट | ₹50 | ₹75 |
| बायोमेट्रिक अपडेट (फिंगरप्रिंट, आईरिस, फोटो) | ₹100 | ₹125 |
| आधार कार्ड की रीप्रिंटिंग | ₹40 | ₹40 (कोई बदलाव नहीं) |
| घर पर नामांकन सेवा (पहला व्यक्ति) | ₹700 | ₹700 |
| घर पर नामांकन सेवा (अन्य व्यक्ति) | ₹350 | ₹350 |
बच्चों के लिए राहत: फ्री बायोमेट्रिक अपडेट
UIDAI ने बच्चों के लिए कुछ राहत दी है:
- 5 से 7 साल और 15 से 17 साल के बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट एक बार के लिए मुफ्त रहेगा।
- 7 से 15 साल के बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट 30 सितंबर 2026 तक मुफ्त रहेगा।
यह कदम बच्चों के आधार को समय पर अपडेट करने के लिए उठाया गया है ताकि भविष्य में कोई परेशानी न हो।
पैन–आधार लिंकिंग: अब अनिवार्य
सरकार ने साफ कर दिया है कि अगर आपने पैन कार्ड को आधार से लिंक नहीं किया, तो आपका पैन निष्क्रिय हो जाएगा। इसका असर इन सेवाओं पर पड़ेगा:
- म्यूच्युअल फंड निवेश
- डीमैट अकाउंट
- टैक्स सेविंग योजनाएं
कई लोगों को पहले ही इस कारण लेन-देन में दिक्कतें आई हैं। इसलिए तुरंत आयकर पोर्टल पर जाकर पैन-आधार लिंक की स्थिति जांचें।
केवाईसी प्रक्रिया में तकनीकी सुधार
UIDAI और NPCI ने मिलकर केवाईसी को और आसान और सुरक्षित बना दिया है:
- अब बैंक और NBFC (गैर बैंकिंग वित्तीय संस्थान) पूरे आधार नंबर के बिना भी आपकी पहचान कर सकते हैं।
- इससे आपकी गोपनीयता बनी रहेगी और बैंकिंग प्रक्रिया भी तेज होगी।
- UIDAI यह सुनिश्चित कर रहा है कि आधार नंबर सक्रिय और असली हो। अगर आपका आधार डुप्लीकेट या अमान्य पाया गया, तो:
- आपका खाता नहीं खुलेगा
- निवेश रुक सकता है
AEPS के नए नियम: 1 जनवरी 2026 से लागू
AEPS यानी आधार सक्षम भुगतान प्रणाली के नियमों में भी बदलाव किए गए हैं:
- बैंक और उनके बिजनेस करस्पोंडेंट को अब अधिक निगरानी और केवाईसी सत्यापन करना होगा।
- इससे नगद लेनदेन पर नजर रखी जाएगी।
- ग्रामीण क्षेत्रों में AEPS सेवाओं का उपयोग करने वालों को स्थानीय बैंक या सेवा केंद्र से जानकारी लेनी चाहिए।
डाकघर की योजनाएं भी आधार आधारित
अब डाकघर की RD, PPF और NSC जैसी योजनाएं भी आधार आधारित ई–केवाईसी से खुलेंगी। यह प्रक्रिया पेपरलेस होगी। लेकिन अगर आपका आधार लिंक नहीं है या अपडेट नहीं है, तो:
- जमा या निकासी में रुकावट आ सकती है
- खाता संचालन में परेशानी हो सकती है
ऑफलाइन केवाईसी और QR कोड से बैंकिंग
UIDAI जल्द ही ऑफलाइन केवाईसी को सरल बना रहा है। अब आप केवल QR कोड से भी बैंकिंग कर सकेंगे। यह सुविधा खासकर उन लोगों के लिए फायदेमंद होगी जो डिजिटल प्रक्रिया से सहज नहीं हैं।
क्या करें? जरूरी कदम
अगर आप बिना किसी बाधा के अपने बैंक, निवेश और सेविंग से जुड़े रहना चाहते हैं, तो ये काम तुरंत करें:
- एम–आधार ऐप या UIDAI वेबसाइट पर जाकर आधार अपडेट की तारीख और स्थिति जांचें।
- आयकर पोर्टल पर जाकर पैन-आधार लिंक की स्थिति चेक करें।
- बैंक और म्यूच्युअल फंड खाते में आधार की जानकारी अपडेट करें।
- अगर आप या आपका जानने वाला कोई गांव में रहता है, तो AEPS सेवाओं में हुए बदलाव की जानकारी स्थानीय बैंक या सेवा केंद्र से लें।
- आधार से जुड़े केवाईसी दस्तावेज समय–समय पर अपडेट करते रहें।
क्यों जरूरी है ये बदलाव?
इन बदलावों का उद्देश्य है:
- आधार डेटा की सुरक्षा और शुद्धता सुनिश्चित करना
- वित्तीय सेवाओं को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाना
- डिजिटल इंडिया को आगे बढ़ाना
UIDAI का फोकस अब सिर्फ पहचान नहीं, बल्कि स्मार्ट और सुरक्षित पहचान पर है।
जनता की प्रतिक्रिया
लोगों की प्रतिक्रियाएं मिली-जुली हैं:
- कुछ लोग फीस बढ़ोतरी से नाराज हैं
- कई लोग केवाईसी प्रक्रिया के आसान होने से खुश हैं
- ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता की कमी है, जिससे AEPS सेवाओं में दिक्कतें आ सकती हैं
सरकार को चाहिए कि वह इन बदलावों के बारे में जागरूकता अभियान चलाए ताकि हर नागरिक को सही जानकारी मिले।
निष्कर्ष: सतर्क रहें, अपडेट रहें
UIDAI के नए नियम और फीस बदलाव सीधे तौर पर आपकी आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित करते हैं। अगर आपने समय पर आधार अपडेट नहीं किया या पैन लिंक नहीं किया, तो आपको:
- निवेश में रुकावट
- बैंकिंग सेवाओं में परेशानी
- टैक्स सेविंग योजनाओं में अड़चन
का सामना करना पड़ सकता है।
इसलिए दोस्तों, सतर्क रहें, अपडेट रहें और डिजिटल इंडिया का हिस्सा बनें।


