“तारक मेहता का उल्टा चश्मा में मचा धमाका: लौट रही हैं दया भाभी, गोकुलधाम में दिवाली की डबल खुशियां!”
भारत के सबसे लोकप्रिय और लंबे समय से चल रहे कॉमेडी शो “तारक मेहता का उल्टा चश्मा” ने एक बार फिर अपने दर्शकों को खुश कर दिया है। सालों से जिस खबर का इंतज़ार हर फैन को था — वो पल आखिरकार आ गया है।
जी हां! दया भाभी वापस आ रही हैं! और जब दया भाभी लौटेंगी, तो गोकुलधाम सोसाइटी में दिवाली की रौनक दोगुनी होना तो तय है।

गोकुलधाम में खुशियों का माहौल
जैसे ही जेठालाल को पता चला कि उनकी प्यारी पत्नी दया भाभी अहमदाबाद से लौट रही हैं, उनका चेहरा खुशी से खिल उठा।
सोसाइटी के हर कोने में बस एक ही चर्चा थी — “दया भाभी आ रही हैं!”
अंजलि भाभी, बबीता जी, कोमल भाभी, माधवी भाभी — सबके चेहरों पर मुस्कान है।
टप्पू सेना तो पहले से ही सजावट में जुट गई है। मिठाइयाँ, रंगोली, लाइट्स और गरबा की तैयारी जोरों पर है।
“हमारी गरबा क्वीन आ रही है!” — बबीता जी के इस डायलॉग ने पूरे माहौल में उत्साह भर दिया।
दया भाभी का जादू
दया गड़ा यानी गरबा क्वीन ऑफ गोकुलधाम का नाम सुनते ही हर किसी के मन में उनके डायलॉग गूंज उठते हैं —
“ए जेठा जी!” और “गरबा हो जाए!”
दया भाभी सिर्फ एक किरदार नहीं हैं, बल्कि भावनाओं का नाम हैं।
उनकी मासूमियत, भोलेपन और नाच-गाने वाली मस्ती ने दर्शकों को हमेशा से मोह लिया है।
जब से उन्होंने शो छोड़ा था, दर्शकों को एक खालीपन महसूस हो रहा था।
अब जब उनकी वापसी की खबर आई है, तो सोशल मीडिया पर भी फैंस ने जैसे खुशी का तूफान ला दिया है —
दिवाली की सुबह, खुशियों की बरसात
गोकुलधाम सोसाइटी में इस बार की दिवाली खास है।
एक तरफ दीपों की जगमगाहट, मिठाइयों की खुशबू और सजावट का रंगीन माहौल है,
तो दूसरी तरफ जेठालाल की दिल की धड़कनें तेज़ हैं —
क्योंकि उनकी दया आ रही हैं!
बापू जी भी बेहद खुश हैं।
“बहू आ रही है, तो घर में खुशियों का उजाला फैलेगा,”
उनकी ये बात सुनकर पूरा गड़ा परिवार भावुक हो गया।
जेठालाल की एक्साइटमेंट
जेठालाल का चेहरा देखकर ही समझ में आता है कि उनके लिए ये दिवाली अब तक की सबसे यादगार होने वाली है।
सुंदर भाई ने वादा किया है कि वो दया भाभी को लेकर मुंबई पहुंचेंगे।
हालांकि, तारक मेहता को अंदर ही अंदर थोड़ा शक है —
कहीं सुंदर फिर कोई नया ड्रामा तो नहीं करेगा?
लेकिन जेठालाल को इस बार पूरा भरोसा है।
“सुंदर ने वचन दिया है अंजलि भाभी, इस बार वो जरूर निभाएगा!”
उनकी ये लाइन सुनते ही हर किसी को उम्मीद की किरण नजर आई।
सोसाइटी की तैयारियां
पूरा गोकुलधाम अब जैसे एक परिवार बनकर स्वागत की तैयारी में जुट गया है।
भिड़े ने घोषणा की —
“मैं आत्माराम तुकाराम भिड़े, गोकुलधाम सोसाइटी का एकमेव सेक्रेटरी, सभी को दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।”
अय्यर और बबीता जी ने घर को रोशनी से सजाया,
डॉ. हंसराज हाथी और कोमल भाभी ने ढेर सारी मिठाइयां तैयार कीं,
और माधवी भाभी ने अपने हाथों से सुंदर दीये बनाए।
बच्चे यानी टप्पू सेना भी पीछे नहीं रही —
टप्पू, गोली, पिंकी, सोनू और गोगी ने पोस्टर और “वेलकम दया आंटी” बैनर बना दिए।
सुंदर की एंट्री और सस्पेंस
अब कहानी में ट्विस्ट यह है कि सुंदर भाई हर बार की तरह इस बार भी थोड़ा सस्पेंस लेकर आए हैं।
उन्होंने जेठालाल को फोन पर बताया कि —
“जीजा जी, हम निकल चुके हैं, लेकिन नेटवर्क जा रहा है।”
फोन कट गया।
इससे जेठालाल के दिल की धड़कनें बढ़ गईं।
क्या सुंदर सच में दया को लेकर आ रहा है या फिर कोई नया नाटक होगा?
तारक मेहता कहते हैं —
“मुझे डर है कि कहीं इस दिवाली फिर कुछ उल्टा न हो जाए।”
लेकिन अंजलि उन्हें समझाती हैं —
“सकारात्मक सोचिए, दया भाभी जरूर आएंगी।”
दया भाभी की प्रतीक्षा में
हर घर से “दीया” जल चुका है, पर गड़ा हाउस का एक दीपक अभी भी बुझा हुआ है —
वो दीपक जो दया के हाथों से जलने वाला है।
बापू जी कहते हैं —
“जेठा, बहू के स्वागत के लिए घर में कोई रहना चाहिए।”
लेकिन जेठालाल नीचे जाने की जिद करते हैं —
“बापू जी, आज मैं दया का स्वागत करूंगा, सालों से जिस पल का इंतजार था वो आखिरकार आया है।”
नीचे सोसाइटी में रंगारंग कार्यक्रम शुरू हो गया है।
गरबा की धुन पर सब झूम रहे हैं —
“अंबे मां तुझे करते प्रणाम है, हर जोड़ी जैसे यहां राधा और श्याम है।”
पूरा गोकुलधाम नाच रहा है, गा रहा है और दया भाभी की झलक का इंतजार कर रहा है।
दर्शकों की भावनाएं
शो के दर्शक भी इस वक्त गोकुलधाम परिवार की तरह ही भावुक और एक्साइटेड हैं।
सोशल मीडिया पर फैंस की प्रतिक्रियाएं कुछ यूं हैं:
- “बचपन लौट आया! दया भाभी की हंसी मिस कर रहे थे।”
- “जेठालाल और दया की जोड़ी फिर से दिखेगी, ये किसी त्योहार से कम नहीं।”
- “अब तो ‘ए जेठा जी’ सुनने का बेसब्री से इंतजार है।”
शो की सफलता और दया का योगदान
“तारक मेहता का उल्टा चश्मा” ने 15 से ज्यादा साल पूरे कर लिए हैं,
लेकिन इसकी लोकप्रियता आज भी वैसी ही है।
इस शो ने समाज को हंसी, एकता और सकारात्मक सोच का संदेश दिया है।
और इसमें दया भाभी का किरदार सबसे खास रहा है।
उनकी भोली बातें, मासूम हंसी और जेठालाल के साथ उनकी नोकझोंक ने हर उम्र के दर्शकों के दिल में जगह बनाई है।
उनके बिना शो अधूरा लगता था।
अब जब वो लौट रही हैं, तो मानो शो में नई जान आ गई है।
जेठालाल की दिवाली, गोकुलधाम की दिवाली
जेठालाल कहते हैं —
“इस बार दीपावली का पहला दिया मेरी दया के हाथों से जलाएंगे।”
बापू जी गर्व से मुस्कुराते हैं।
टप्पू खुश होकर गरबा करता है।
पूरा गोकुलधाम एक स्वर में कहता है —
“शुभ दीपावली!”
दया की वापसी न केवल जेठालाल के लिए बल्कि हर उस दर्शक के लिए एक तोहफा है
जो सालों से इंतजार कर रहा था कि उनकी “गरबा क्वीन” दोबारा हंसी की रोशनी लेकर आए।
निष्कर्ष
दया भाभी की वापसी सिर्फ एक किरदार की एंट्री नहीं है,
बल्कि एक भावना, एक युग की वापसी है।
उनके आने से शो में फिर वही पुराना जादू लौटेगा —
प्यार, हंसी, परिवार और दोस्ती का अनोखा संगम।
अब बस इंतजार है उस पल का जब
जेठालाल की आंखों में खुशी के आंसू होंगे,
बापू जी गर्व से मुस्कुराएंगे,
और पूरी गोकुलधाम सोसाइटी कहेगी —
“ए दया भाभी! स्वागत है आपका!”


